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Aug 10

स्वंतत्रता दिवस पर भाषण | स्वतंत्रता दिवस पर निबंध | 15 अगस्त

Ankita Posted by: Ankita in लेख | विचार Print PDF

 

15 अगस्त का दिन भारत के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण दिन है | ये दिन है भारत की स्वतंत्रता का , ये दिन है भारत की आज़ादी का | अंग्रेजों के कई साल गुलामी झेलने के बाद आज के दिन भारत आज़ाद हुआ | प्रत्येक भारतवासी के लिए यह सबसे गौरवमयी दिन है |


 

भारत पर कई साल मुग़लों का शाशन रहा | मुग़लों की कई पीदियों ने भारत पर अपनी हकूमत चलाई | तत्पश्चात अँगरेज़ भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ भारत में दाखिल हुए और देखते ही देखते पूरे भारत को अपने कब्ज़े में ले लिया | अंग्रेजों का गुलाम होने वाला भारत पहला देश नहीं था, आस्ट्रेलिया, कनाडा जैसे और भी कई देश अंग्रेजों के गुलाम रह चुके हैं |


उस समाया सम्पूर्ण भारत छोटी छोटी रियासतों में बनता हुआ उस समय सम्पूर्ण भारत छोटी छोटी रियासतों में बनता हुआ था | अंग्रेजों ने एक एक करके पूरे भारत पर अपना शाशन प्रारंभ कर दिया |


भारत के नागरिक हमेशा से ही अपने आप के अंग्रेजों से आज़ाद करवाना चाहते थे, लेकिन कई साल कोशिश करने के बावजूद भी ये सफल नहीं हो रहे थे | इसका कारण था देश का बंटा हुआ होना| ज़रुरत थी एक ऐसी क्रांति की जो पूरे भारत में सर्वव्यापी हो , ज़रुरत थी ऐसे नेताओं की जो सम्पूरण भारत का नेतृत्व कर सकें | ज़रुरत थी ऐसे क्रांतिकारियों की जो एक जुट होकर अपनी अपना तन मन और धन देश के लिए न्यौछावर करने को तत्पर रहें |


देश के कर्न्तिकारी नर्म दल और गर्म दल में बंटे हुए थे | क्रांतिकारियों ने भारत को आज़ाद करवाने के लिए कई आन्दोलन किये | अंततः वो अंग्रेजी सरकार की हुकूमत को हिलाने में कामयाब रहे | पूरी अंग्रेज़ी सरकार डामाडोल हो गयी | स्वतंत्रता संग्राम के आगे उन्हें घुटने टेकने पड़े |


१५ अगस्त १९४७ पंडित जवाहर लाल नेहरु ने लाल किले में तिरंगा झंडा फैला कर भारत की आज़ादी का ऐलान किया | वो ऐलान था एक नयी कहानी का एक नए सवारे का | स्वंत्रता का ये दिन इतिआस के पन्नो में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जा चूका है | प्रत्येक भारतीयों को दिल में ये दिन एक एहमियत रखता है |


ये दिन याद दिलाता है हमे उन हजारो क्रांतिकारियों को को जिन्होंने आज़ादी की इस लड़ाई में अपने प्राण तक दे दिए | क्रांतिकारी मर कर भी अमर हो गए |

आज भारत ke प्रत्येक नागरिक का ये कर्त्तव्य बनता है की वो वीरों के बलिदान को व्यर्थ न गवाए | एवं एक सुन्दर कल की तरफ बदता रहे |

 

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