No dear. You should check the fine art section of Catch My Post. You will see some extraordinary paintings and sketches over there. Well yeh not a lot of artists have been invited to CMP, we wil invite them as per the quality of their work as we did for you Poets.
मेरे प्रिय मित्रो हिंदी साहित्य के केंद्र में नवगीत समूह में आपका स्वागत है !समसामयिक परिवेश मुझे ऐसा मह्सुश होता है की पारंपरिक गीत और नवगीत के विभाजक दिशाएं वही हैं जो पारंपरिक गीत और नई कविता के बीच हो सकते हैं ! मेरा अनुभव जो कुछ भी अभी तक मैं अर्जित कर पाया हूँ !बदलते समय सन्दर्भ रिश्ते और रिवायतों का परिणाम ही नवगीत है अंतर की रागात्मकता जैसे लोक गीतों से जो कुछ भी कुमार गंदार्भ ने अपने जीवन में अर्जित किया ठीक वैसे ही मुझे हिंदी साहित्य में नवगीत की सम्भावना दिख रही है ! नवगीत को पल्लवित करने और साहित्यिक धरनों को पनपाने में यह तीसरी पीढ़ी है! मेरा सभी मित्रों से अनुरोध है यथार्थ बोधमय संदर्भित रचनात्मक वर्तमान को सुनहरा भविष्य देने में सहभागिता का परिचय दे कर ज्वलंत समस्याओं से देश को निकाल कर हमारे देश की सुन्दर दिशा तय करने में प्रजातंत्र और कुशल साफ सुथरी छवियों के प्रतिनिधित्व अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें ! सताब्दियों की अनुपयुक्त रुदियों से बाहर आकर प्रगतिवादी विचारधारा अपने रचनाधर्मिता में प्रवाहित करने की परिवृत अपनाने का प्रयास उचित दिशा देगा !......धन्यवाद ... भोलानाथ
मेरे प्रिय मित्रो हिंदी साहित्य के केंद्र में नवगीत समूह में आपका स्वागत है !समसामयिक परिवेश मुझे ऐसा मह्सुश होता है की पारंपरिक गीत और नवगीत के विभाजक दिशाएं वही हैं जो पारंपरिक गीत और नई कविता के बीच हो सकते हैं ! मेरा अनुभव जो कुछ भी अभी तक मैं अर्जित कर पाया हूँ !बदलते समय सन्दर्भ रिश्ते और रिवायतों का परिणाम ही नवगीत है अंतर की रागात्मकता जैसे लोक गीतों से जो कुछ भी कुमार गंदार्भ ने अपने जीवन में अर्जित किया ठीक वैसे ही मुझे हिंदी साहित्य में नवगीत की सम्भावना दिख रही है ! नवगीत को पल्लवित करने और साहित्यिक धरनों को पनपाने में यह तीसरी पीढ़ी है! मेरा सभी मित्रों से अनुरोध है यथार्थ बोधमय संदर्भित रचनात्मक वर्तमान को सुनहरा भविष्य देने में सहभागिता का परिचय दे कर ज्वलंत समस्याओं से देश को निकाल कर हमारे देश की सुन्दर दिशा तय करने में प्रजातंत्र और कुशल साफ सुथरी छवियों के प्रतिनिधित्व अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें ! सताब्दियों की अनुपयुक्त रुदियों से बाहर आकर प्रगतिवादी विचारधारा अपने रचनाधर्मिता में प्रवाहित करने की परिवृत अपनाने का प्रयास उचित दिशा देगा !......धन्यवाद ... भोलानाथ
Why ask what to write about? Writing is from you. A writer or artists Muse is fickle indeed but, why conform when your own inspirations are so much more fulfilling? Food for thought. Keep writing my friends.