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Shaayari


शायरी- मुझे बीमार रहने दो.. PDF Print Write e-mail
Monday, 23 January 2012 00:00

शायरी

दवा ना दो, दुआ ना दो, मुझे लाचार रहने दो,
मज़ा ये दर्द देता है, मुझे बीमार रहने दो..

ये मज़हब-धर्म की बातें हैं सब बेकार, रहने दो,
जिसे अपनी ख़बर ना हो उसे अख़बार, रहने दो..

वो गुज़रेंगे गली मेरी से, है अफ़्वाह ग़रम ऐसी,
तो ले आओ जनाज़ा, क़ब्र भी तैयार रहने दो..

 
इक़ बार इश्क़ में .. PDF Print Write e-mail
Saturday, 07 January 2012 19:13

 

इक़ बार इश्क़ में वो, मुझको भी आज़माते,

दुनियाँ में हर किसी को, ना बेवफ़ा बताते..

 


बस दूर से हमेशा, मुझको बुरा बताया,

थोड़ा सा पास आते, तो और पास आते..


इतनी सी आरज़ू थी, इतनी सी बस तमन्ना,

मैं जिनपे लुट मरा था, वो मुझपे जाँ लुटाते..

 

Last Updated on Sunday, 08 January 2012 15:47
 
तनहाई PDF Print Write e-mail
Sunday, 20 November 2011 19:00

रात आती है तो अहसास होता है कि कितनी तन्हा और अकेली हुँ मै
अपनो के होते हुए भी एक दम अकेली हुँ मै
शायद एक अनबुझ पहेली हुँ मै
एक ऐसी पहेली जिसका कोइ भी जवाब नही है किसी के पास
तनहाई बन गई  है मुक्कदर मेरा काश वो होता रह्गुजर मेरा
साथ मिलता अगर उसका तो मै महक जाती
बना के उसको मुक्कद्दर सवंर सवंर जाती

 
हिंदी शायरी PDF Print Write e-mail
Thursday, 17 November 2011 04:47

हिंदी शायरी
तसल्ली आएगी तुझको पैगाम से मेरे
सोच के हर कागज पे नाम तेरा लिखते है
तसल्ली आएगी मुझको भी पैगाम से तेरे
कोरे कागज पे भी लिखावट तेरी तकते है..

 
हिंदी शायरी PDF Print Write e-mail
Wednesday, 19 October 2011 08:21

1. खुश रहना तो खुदा की इबादत हैं ,
मुस्कुरा के जीना उसकी चाहत हैं ,
नादान हैं वो लोग जो करते हैं इन्तेजार खुशियों का
वो तो रब की तरह हमेशा हमारे  पास हैं

 
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