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शायरी प्यार की - दिल साला शीशे का नहीं गोबर का बना होता है PDF Print Write e-mail
Hindi Corner - Shaayari
Tuesday, 26 July 2011 22:34

प्यार पर शायरी

दिल साला शीशे का नहीं... गोबर का बना होता है कमबख्त
जब कहीं से दुख मिलता है तो सूख कर उपला हो जाता है कमबख्त
.फिर धीरे-धीरे सुलगकर ज़िन्दगी को धूंआ कर देता है कमबख्त ||

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एक आखिरी अहसान कर दो
अहसान करना बंद कर दो,
अपने पास रखो ये सहानुभूति
बस परेशान करना बंद कर दो...।।



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किसी से कुछ नहीं कहना है मुझको
ये ग़म अकेले ही सहना है मुझको,
महफिलों में जाने की चाहत नहीं अब
हर हाल में होश में रहना है मुझको...

 

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नफरत थी जिससे हद से भी ज्यादा
जाने कब बन बैठा उसी का दीवाना,
पहले बनी खुशी मनाने का ज़रिया
बन गई है अब ग़म भुलाने का बहाना।।


[ आदर्श राठौर ]

लेखक JTV में एंकर एवं प्रोड्यूसर हैं |

क्या आप भी शायर हैं ?? अपनी शायरी ई-मेल करें "mypost@catchmypost.com" पर |

शायरी


 

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