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Sunday, 06 November 2011 09:12 |
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रात को सोते समय श्रीमती ने पूछ लिया - "क्यों जी आपको स्वर्ग में 72 हूरें मिल जायेंगी तो आप क्या करोगे"। हमने कहा - " बिल्कुल आपकी तरह दिखती होंगी तो ठीक वरना हम लौटा देंगे।" श्रीमति प्रसन्न होकर सो गयीं और हम भी नींद के आगोश मे चले गये।" सपने में हमने देखा कि हम अस्पताल में भर्ती हैं और हमें स्व. श्रीलाल शुक्ल जी की तरह ज्ञानपीठ पुरुस्कार देने स्वयं राज्यपाल आये हैं। हमें तभी अंदर से सदबुद्धी ने टोका- " तुझे कहीं पुरूस्कार मिल सकता है रे बुड़बक।" हमनें जवाब दिया- " मियां जिस तरह पुरूस्कारों का स्तर गिर रहा है, हमारे बुढ़ाते तक ज्ञानपीठ पुरुस्कार भी ऐरे गैरों को मिलने लगेगा।" खैर साहब फ़िर हम सपने में टपक गये और सीधा स्वर्ग या कहें जन्नत के दरवाजे में पहुंचे।
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Friday, 21 October 2011 07:50 |
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 सुबह सुबह नुक्कड़ पर दीपक हिंदूवादी दुखी नजर आये, हमने कारण पूछा तो फ़ट पड़े - " ये भारत का मीडिया बिकाउ है साला।" हमने कहा- "अरे भाई, अखबार बिकेंगे नही लोग खरीद कर पढ़ेंगे नही तो चलेंगे कैसे।" दीपक जी ने हमारी बुद्धी पर तरस खाते हुये समझाया -" अरे भाई वैसे बिकाउ नही कहा हमने, हमारा कहने का मतलब है कि संपादक लेखक लोग पैसे लेकर झूठी खबरे छापते हैं, खबरे दबा भी देते हैं"। हमने कहा - " भाई जरा बात को उदाहरण सहित समझाया करो पिछली बार ही हम उलझ गये थे।" दीपक भाई ने उदाहरण दिया - अब प्रशांत भूषण का मामला ही देख लो, सब लोग उसकी पिटाई करने वालों के खिलाफ़ उल्टा सीधा छाप रहे हैं। जबकी भगत सिंग सेना के लोगो ने देश भक्ती का काम किया था। कश्मीर को अलग करने की बात करने वालों को पीटना चाहिये था कि नही।"
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Wednesday, 19 October 2011 00:00 |
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 पत्नी का भोलापन पत्नी की मुर्खता , प्रेमिका की मुर्खता प्रेमिका का भोलापन . Facebook पर ही ये पंक्तियाँ पढ़ी .लेखक के प्रति मन श्रधा से भर गया . किसी बड़े हास्य लेखक का सटीक मनोवैज्ञानिक विश्लेषण . एक पंक्ति और पूरा दर्शन -पत्नी और प्रेमिका . दिन भर ये पंक्तिया हसाती रही पत्नी और प्रेमिका का अंतर दिखाती रही . अंतर देखिये --------
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Wednesday, 12 October 2011 00:00 |
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एक दिन सुबह सुबह पत्नी ने मेरे हाथो से झाड़ू लेकर गर्मागरम चाय की प्याली रख दी । आसन्न खतरे को भांप कर मै सर्तक हो गया । श्रीमती ने कहा सुनो आज कल मेरा समय खराब चल रहा है क्यो न किसी अच्छे बाबा की शरण मे चलें | मै मन ही मन भुनभुनाया झाड़ू पोछा मै कर रहा हूं और समय इनका खराब चल रहा है । श्रीमती ने निरमा बाबा की जानकारी दी बड़े पहुंचे हुये बाबा हैं टीवी चैनलो मे छाये रहते हैं । मैने बहुत समझाया कि बाबा लोगो का चक्कर बेकार है भाई केवल टोपी देते अरे उनमे ऐसी शक्तियां होती तो खुद का भला पहले करते काहे गरीबो से पैसे लेने की दरकार होती और ये टीवी वाले भी इनको नैतिकता से कोई लेना देना थोड़े है जिससे पैसा मिला उसको दिखा दिया । लेकिन समझाना व्यर्थ था पूरे तीन हजार रूपये बाबा के बैंक खाते मे जमा करके बाबा से उनके एक शिविर मे मिलने का नंबर लगा ।
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Saturday, 08 October 2011 15:35 |
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दशहरे के दिन नुक्कड़ पर बैठे बैठे हमें देशभक्ती के कीड़े ने काटा, तत्काल दिमाग में आईडिया फ़्लैश हुआ और हमने आसिफ़ भाई से कहा - "चलो गुरू रावण को मारा जाय"। आसिफ़ भाई बोले - " मियां सटक गये हो क्या, नेताओं के रहते हमको भला कौन रावण का पुतला जलाने देगा।" हमने कहा -" पुतला नही जलाना, भ्रष्टाचार के रावण को खत्म करना है।" आसिफ़ भाई ने सर खुजाया, बोले - "मियां मेहनत बाबा टाइप करेंगे हम और अन्ना टाईप क्रेडिट आप ले जाओगे।"
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Wednesday, 05 October 2011 03:56 |
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रात को हम नुक्कड़ में टहल रहे थे कि एक कोने से एक महिला के सिसकने की आवाज आई| औरतों का दर्द हमसे देखा ही नही जाता सो हम पहुंच गये और पूछा - " क्यों सुंदरी आप क्यों रो रही हैं।" उसने सिसकते हुये कहा "ये कमबख्त हमें सुईसाईड नही करने दे रहे।" हमने कहा- "सुंदरी यह तो अच्छी बात है, किसी को भी सुसाईड करने से रोकना ही चाहिये और आप हो कौन"। जवाब मिला- " मै आत्मा हूं" । आत्मा सुनते ही हमारी रूह फ़ना हो गयी, हमने कहा - " पहले तो अम्मा सामने आओ, हम कनफ़र्म करेंगे कि आप आत्मा हो"।
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Sunday, 02 October 2011 21:21 |
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मेरे नेशनल फादर बोले तो बापू ...
गुड मार्निंग एंड हैप्पी बर्थ डे टू यू यहाँ कुशल गुसल है मेरे सांई
वहाँ कुशल तुम जानो रघुराई
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Sunday, 02 October 2011 09:37 |
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सुबह सुबह नींद खुली ही थी कि भाई सोहन शर्मा उर्फ़ कांग्रेसी पहुंच गये। हमने कहा- "भाई क्या आफ़त आ गयी जो सुबह सुबह पहुंच गये"। शर्मा जी बोले - "दवे जी दस धनपथ से प्यारी मम्मी का फ़ोन आया था, एक गंभीर विषय पर आपसे सलाह लेने को कहा है।" मुफ़्त की सलाह देने का अपना बहुत पुराना शौक है। सो हमने प्रसन्न होकर उनसे समस्या के बारे में पूछा। शर्मा जी बोले - "जीजाजी का नाम आ रहा है 2G घोटाले में बताईये इस मामले से कैसे निपटा जाय"।
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Monday, 26 September 2011 11:18 |
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खचाखच भरे न्यायालय में कालू को पेश होने की पुकार लगते ही अदालत में कोलाहल मच गया। कटघरे में कालू के खड़े होने के बाद, उसके खिलाफ़ आरोपों की सूची पढ़ी गयी। पहला आरोप था बत्तीस रूपये रोज से ज्यादा कमाने के बाद भी खुद को गरीब बताकर गरीबों को दी जाने वाली सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाना। दूसरा आरोप था, श्रीमती सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाली नेशनल एडवाईजरी काउंसल के निर्णय को गलत ठहराना।
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Friday, 23 September 2011 07:59 |
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 मित्रो आपके खासमखास याने दवे जी नाम के फ़ोकटचंद सलाहकार को दस धनपथ से बुलावा आया स्वयं सोनिया जी का। जाकर बैठे ही थे कि सोनिया जी गुनगुनाते हुये कमरे में पहुंची कि "सखी मन्नू बहुत ही कमात है, महंगाई डायन खाये जात है"। वे हमें देख कहने लगीं- " दवे जी महंगाई सुरसा के मुंह की तरह बढ़्ती ही चली जा रही है, घर खर्च पूरा नही बैठता आप कोई रास्ता दिखायें"। हमारा मुंह खुला का खुला रह गया, कहा- "मम्मी जी आप और पैसे की कमी, चारों ओर इतना भ्रष्टाचार कर रहे हैं आपकी पार्टी वाले और मम्मी को कड़की, हद हो गयी जनता से बेईमानी तो छोड़ो आपसे भी बेईमानी करने लगे"।
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Wednesday, 14 September 2011 09:41 |
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 नुक्क्ड़ पर हमने भाई सोहन शर्मा उर्फ़ कांग्रेसी को घेरा- " शर्मा जी ये एयर इंडिया घोटाला का क्या मामला है"। शर्मा जी बोले- "पटेल जी विमानन मंत्री थे, मेरे साथ हैं, वे बतायेंगे"। पटेल जी बोले -" भाजपा सरकार के समय ही एयर इंडिया की हालत खस्ता थी, विमान बीस साल पुराने थे, कंपनी कर्ज में डूबी हुयी थी। देश की इज्जत का सवाल था, सो हमने फ़ैसला किया कि नये विमान खरीद कर इसे नयी जिंदगी दी जाये"। हमने कहा - " कुछ जहाज ही बीस साल पुराने थे और कंपनी के उपर केवल 29 करोड़ का कर्ज था"। पटेल जी बोले - "जहाज खरीदने का फ़ैसला भाजपा सरकार का था"।
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Saturday, 10 September 2011 06:26 |
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नुक्कड़ में एक सज्जन पता पूछते पहुंचे, पूछा - "भाई वो मुफ़्त में सलाह देने वाले फ़ोकटचंद लेखक दवे जी कहां मिलेंगे"। हम तक वे पहुंचे तो मालूम पड़ा कि बाबा रामदेव नें हमें बुलाया है, सो हम पहुंचे उनके पास आशीर्वाद देने के बाद बाबा ने अपनी व्यथा बताई- "सरकार पत्रकारों के माध्यम से उटपटांग आरोप लगवा कर छवि बिगाड़ने का प्रयास कर रही है"। हमने कहा- "बाबा जी मान लो आप नही दवे जी पतंजली के कर्ता धर्ता हैं, दीपक चौरसिया जी हम पर आरोप लगाते जायें और हम जवाब देते जायेंगे, आप उन जवाबो का रिहर्सल कर लेना और फ़िर आप की छवि सरकार नही बिगाड़ पायेगी।
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Tuesday, 06 September 2011 05:29 |
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 हलक में शराब के दो घूँट उतरने के बाद इंसान की ज़ुबान बे-लगाम हो जाती है यह तो पता था, मगर असह्य बदबू का वास होने के बावजूद भी मुँह में उसके सरस्वती आ बिराजती होंगी नहीं पता था। फिल्म अभिनेता ओम पुरी ने अन्ना के मंच से शराब के नशे में धुत्त होकर नेताओं की जो लू उतारी, होशो-हवास में तो कभी न उतारी होंगी।
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Monday, 05 September 2011 06:38 |
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साहब नुक्कड़ मे तेजी से खबर फ़ैली कि दवे जी को संसद ने विशेषाधिकार हनन के आरोप मे नोटिस भेजी है। , हम भी सकते में थे। लोगो ने पूछा कैसे लपेटे मे आ गये दवे जी, हमने बताया- " अफ़जल गुरू को कोसा था एक लेख मे कि क्यों काम पूरा नही किया, संसद पर हमले के वक्त, उसी कारण नोटिस आया है"। सलाह मिली माफ़ी मांग लीजिये, हमने कहा- "पगला गये हो मुफ़्त में पब्लिसिटी मिलेगी, जेल जायेंगे तो क्या कहते हैं अन्ना, दो टाईम का नाश्ता दो टाईम का खाना फ़्री। और कितने दिनो के लिये भेज सकते हैं हद से हद पंदरह दिन, हम जाने तैयार हैं पर लेख वापस न लेंगे"।
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Saturday, 03 September 2011 07:56 |
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 आदरणीय मम्मी जी
पहले तो मेरी गुजारिश स्वीकार करें, लौटती डाक से अपनी चरणधूली भेजने की असीम क्रुपा करें। आशा है, आपका स्वास्थ अच्छा होगा और आप कुशल से होंगी। मम्मी जी ये बाबा समर्थक बोल रहे हैं कि, आप अन्ना आंदोलन मे देश को उलझा कर अपना कालाधन ठिकाने लगा रहीं हैं। सच्चाई जो भी हो पर मम्मी जी आप जल्द से जल्द लौट आयें इसी मे हम सब का हित है।
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Thursday, 25 August 2011 07:16 |
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नुक्कड़ पर यूरिया वाली चाय पीते समय हमने भाई सोहन शर्मा उर्फ़ कांग्रेसी से पूछा- " क्यों भाई शर्माजी आपके मनमोहन गोड़से इस अन्ना गांधी का वध क्यों करना चाहते हैं"। शर्मा जी भड़क गये-" यार दवे जी आप क्यों हर समय उसजुलूल बाते करते हो, मनमोहन तो अन्ना की इज्जत करते हैं, और आप को क्या लेना देना, आप क्यों पूछ रहे हो"। हमने कहा भाई गोड़से भी इज्जत करता था, उसने मारने के पहले गांधी जी के पैर भी छुये थे। रही बात हमारी तो हम गोड़से जैसे इस बारे मे किताब लिखना चाहते हैं"। शर्मा जी भन्नायें- " कुछ हुआ ही नही है , और आप किताब लिखोगे"।
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Monday, 22 August 2011 04:10 |
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सुबह सुबह नुक्कड़ पर यूरिया वाली चाय पीते समय हमनें कहा - "भाईयों कल धोनी का फ़ोन आया था, कह रहा था, हम तो पिट रहें हैं, लेकिन अन्ना को बाबा टाईप पिटने न देना"। भाई सोहन शर्मा उर्फ़ कांग्रेसी हंसने लगे, बोले -"क्या फ़ेंकते हो यार दवे जी"। हमने कहा-"क्यों फ़ेकने का ठेका सिर्फ़ कांग्रेसियों को मिला हुआ है, दूसरे नहीं फ़ेंक सकते"। "कभी बोलते हो बाबूराव हजारे उर्फ़ अन्ना सर से पांव तक भ्रष्टाचार मे लिप्त है, कभी कहते हो सेना छॊड़ भाग गये थे"। बिल बनाने की इच्छा नही और दायें बायें की हांकते हो"।
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Thursday, 18 August 2011 02:39 |
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श्री मन्नू
प्यारे इसलिये नहीं कहा कि अब मुझे आपसे प्यार नहीं रहा। पिछले सभी पतियों की तरह आपकी भी फ़ोटो मेरे भूतपूर्व पतियों के साथ टंगने वाली है। इन पतियों की दो श्रेणियां हैं, ए ग्रेड पतियों में नेहरू जी शास्त्री जी से लेकर राजीव जी अटल जी जैसे पति हैं, जिन्हे आज भी मै शिद्दत से याद करती हूं। इनमे कमियां थी पर ये कमीने नही थे। दूसरी श्रेणी मे चंद ऐसे नाम हैं जिन्हे मैं अपनी जुबान पर लाना भी नही चाहती। अब आप भी इन दोनो मे से किसी न किसी श्रेणी में जायेंगे ही।
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Sunday, 14 August 2011 23:45 |
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जैसे हमेशा आता-जाता है, स्वतंत्रता दिवस फिर आ गया। यही वह दिन है जब अँग्रेज़ हमें आज़ा़दी का झुनझुना पकड़ा कर अपने घर भाग गए थे। इस झुनझुने की झुन-झुन सुनते-सुनते चौसठ साल बीत गये, उसके अन्दर पड़ी कंकड़ी घिस-घिसकर खत्म हो चुकी, अब झुनझुने में से कोई आवाज़ नहीं आती।
अँग्रेज़ क्यों हमें इतनी बड़ी दुनिया में अकेला छोड़कर भाग गये इस संबंध में कई धारणाएँ प्रचलित हैं। एक धारणा है कि भारतीयों को अँग्रेज़ी सिखाना उन्हें भारी पड़ रहा था, उन्हें सिखाते-सिखाते अँग्रेज़ी की ही खटियाखड़ी होती जा रही थी। इसलिए, अपनी भाषा बचाने की गरज से सारे अँग्रेज़ भारत से भाग निकले।
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Sunday, 14 August 2011 02:56 |
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जैसे ही अफ़जल गुरू की फ़ांसी की बात पहुंची, नुक्कड़ मे खुशी की लहर छा गयी। सोहन शर्मा उर्फ़ कांग्रेसी ने गर्व से सीना फ़ुलाया, कहने लगे - "कांग्रेस के घर देर है अंधेर नही"। दीपक भाजपायी बाजू मे खड़े थे, ठठाकर हंसने लगे। बोले - "वाह रे गिरगिट, अगर हमने नाक मे दम न किया होता तो तुम लोग सौ साल तक उसे दामाद बना कर रखते, वह तो हमारी पार्टी है कि आज अफ़जल गुरू को फ़ांसी चढ़ने की नौबत आयी है" । "जल्द ही हम लोग कसाब को भी इसी तरह लटकायेंगे"।
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