Username:  Password:        Forgot Password? Username?   |   Register
Banner

लीबिया के तानाशाह शासक,कर्नल गद्दाफी की मौत पर कविता - मनुष्य बना कर रखना तुम PDF Print Write e-mail
Hindi Corner - Hindi kavita
Wednesday, 02 November 2011 08:59


तानाशाह का अंत
का अंत समय था
अंतिम क्षण मन में
सोच रहा था
क्यों इर्ष्या,द्वेष,अहम्
अहंकार में
व्यर्थ किये करोड़ों क्षण
छोड़ जाऊंगा पीछे अब
मनों में
खट्टी यादें लोगों के
याद कर
जिन्हें तिलमिलायेंगे वो
खुल कर गाली देंगे  
चीख चीख कर मेरा सत्य
संसार को  बताएँगे
मेरी कब्र पर
एक फूल भी ना चढ़ाएंगे
धन दौलत सब पीछे रह
जायेगी
परिवार की दुर्गती होगी
क्यों समझ नहीं आया
जीवन भर
निरंतर
भटकता रहा खुदा के
पथ से
अहम्, अहंकार ताकत ने
मुझ को
मनुष्य से राक्षस बनाया
अब आँख मुंदने वाली है
अंतिम दुआ मान लो
मालिक
जन्म फिर से अवश्य देना
पर सम्राट नहीं बनाना तुम
अपनों से दूर ना होने देना  
अहम् अहंकार से दूर
रखना
मनुष्य बना कर
रखना तुम  

Dr. Rajendra Tela
(लीबिया के तानाशाह शासक,कर्नल गद्दाफी की मौत पर)

क्या आप भी कवि हैं ?? अपनी रचनाएँ इ-मेल करें " mypost@catchmypost.com" पर  |


 

Like and Comment

Share on Myspace
Banner

Share This Page

Some Online Users

0 users and 1001 guests online

Activities
X
Please Login
Chat
X
Please login to be able to chat.
Activities
Chat (0)