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मन सिर्फ मिलने से नहीं मिलते PDF Print Write e-mail
Hindi Corner - Hindi kavita
Sunday, 06 November 2011 10:46


उनसे बात करता हूँ
तो पता नहीं क्यों
अपने राज़ खोलने
लगता हूँ
वो भी ध्यान से
सुनते है
फिर धीरे से कहते है
सब्र रखो
सब ठीक होगा
मुझे लगता है
कभी मिले नहीं
फिर भी
वो मुझे समझते हैं  
मन सिर्फ मिलने से
नहीं मिलते
निरंतर इस सत्य पर
विश्वास बढाते हैं

Dr. Rajendra Tela

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