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Hindi Corner -
Hindi kavita
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Thursday, 17 November 2011 00:00 |
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.jpg) ये जगह
इतनी खुबसूरत न थी,
जितनी तुम्हारे,
आने से हो गई,
तुम्हारी,
खूबसूरती,
इस पर,
छा गई,
जिससे तुम
दिल में,
समा गई,
चाहे मुलाकात,
हो की,
ना हो,
पर ख्यालों में,
तुम ही छा गई, इसी तरह तुम्हे निहारते हुए,
तुम हमें भा गई,
Pappu Parihar
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