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प्यार की एक बूँद PDF Print Write e-mail
Hindi Corner - Hindi kavita
Sunday, 20 November 2011 19:26

प्यार की एक बूँद

मन के बरसते सावन में
हर जीवन के आँगन में
चांदनी खिलने से क्या
मधुमाश आये , पतझर जाये
जीवन की छोटी गगरी में
प्यार की एक बूँद जो
कभी नहीं भर पाए
जीवन को समझ ना पाए !

 


जीवन भर पछताए
कोई आये कोई जाये
इंतजार की ड्योढ़ी पर
फिर किसकी आश लगाये
जीवन से भाग गए जो
मन से भाग ना पाए !
कौन है किसका इंतजार है
आँखों से बरसता प्यार है

जीवन बस प्यार है
प्यार में डूबा संसार है
मन तो प्यार का सागर है
भर लो जीवन को प्यार से
प्यार कहाँ तुझसे बाहर है
योगी प्यार की एक बूँद से
भरा जीवन का गागर है
सच कितनी स्नेहिल है
प्यार की एक बूँद !

यह कविता क्यों ? संसार बस प्यार का सागर है जीवन की गगरी को प्यार की बूंदों से भरिये! खुद प्यार से जियें प्यार से मरें जो मिले प्यार दीजिये और प्यार पायें !
अरविन्द योगी
Arvind Yogi

क्या आप भी कवि हैं ?? अपनी रचनाएँ इ-मेल करें " mypost@catchmypost.com" पर  |
प्यार की एक बूँद

 

 

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