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प्यार पर कविता- कुछ देर सिमट कर जी लूं मैं, PDF Print Write e-mail
Hindi Corner - Hindi kavita
Thursday, 24 November 2011 14:00

प्यार पर कविता

तुम्हारे मखमली आगोश में,
कुछ देर मचल कर अंगड़ाई लूं मैं,
महकती गर्म साँसों के घेरे में,
सहमी तर तराई इस ख़ुशी को ,
समेट लो अपने बाजुओं में ,
टिकी रहे देर तक मुझ प़र,
भुला दे,जो मुझसे मुझको,
मादकता में बहके हम दोनों,
खों जाएँ एक-दूसरे में.....................
डॉ.शालिनीअगम

Shalini Agam
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