ख्वाईशें दम तोडती रही Print
Ojaswi Kaushal
Hindi Corner - Hindi kavita
Thursday, 24 November 2011 14:13


जब भी मिलते
निरंतर कहते हम से
किसी दिन
फुरसत में बात करेंगे
उनकी
फ़ुरसत के इंतज़ार में
उम्र बीत गयी
ना उन्हें फुर्सत मिली
ना हमारी हसरतें
पूरी हुयी
ख्वाईशें
दम तोडती रही
दिल की बात
दिल में रह गयी

Dr. Rajendra Tela

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