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कुदरत पर कविता - कुदरत ईमान है PDF Print Write e-mail
Hindi Corner - Hindi kavita
Friday, 25 November 2011 14:55

pink and yellow flowers कुदरत ईमान है


कुदरत ईमान है, अंजाम है मोहब्बत का,
वक्त की पहचान है नतीजा है इबादत का।

अरे इंसान शुक्र है खुदा ने ये कुदरत बनाई है,
जाकर ऐश कर जब तक इसकी रहनुमाई है।

इन्साफ के दरख्तों को भूल मदहोश मत हो,
यदि अंत हो इसका तो तू है बस तेरी तन्हाई है।

Neeraj Kumar Dwivedi
Neeraj's Blog

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