पुराने चोर को खतरा नए चोर से है Print
Amod Kumar Srivastava
Hindi Corner - Hindi kavita
Friday, 25 November 2011 15:19

हर पुराने चोर को खतरा नए चोर से है..
आजकल इस बात की चर्चा बड़े जोरों से है..

मुस्कराहटों से पता चलता नहीं जज्बात का..
मेरा मतलब आँख की उन नाम हुयी कोरों से है..

आदमी से क्यूँ दरोगे आदमी क्या चीज है..
डर अगर कठपुतलियों को है तो वह डोरों से है..

बढ़ गयी हैं  नेवलों की और जिम्मेदारियां...
आजकल साँपों की गहरी दोस्ती मोरों से है..


हम क्यूँ साथी बनाये आज तूफानों को..
एक मुद्दत से हमारा साथ कमजोरों से है..

Amod kumar srivastava

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